एक जमाना था , मेरी पहचान तेरे नाम से शुरू होता था !
मेरा चेहरा तेरी आंखों में चिपा रहता था !
मेरी धड़कन तेरी आहट में जिया करता था !
मेरी चाहत तेरी जुनून से लिपटा होता था !
ओ मेरे यार,
लौटादे वो तेरी नज़र , वो तेरी ग़ज़ल,
जिसमे,
तेरी मेरी कहानी लिखा होता था !!

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